म्यूचुअल फंड से जुड़ी कॉस्ट क्या हैं?
म्यूचुअल फंड एक सबसे अच्छा निवेश माध्यम माना जाता है। आप म्यूच्यूअल फंड्स में SIP के माध्यम से १,०००, ५,००० या फिर १०,००० रुपये प्रति माह जमा करते है या फिर एक बड़ी रकम लम्पसम (एकसाथ) निवेश करते है। ऐसे कई सारे निवेशकों के पैसे म्यूच्यूअल फंड में इन्वेस्ट होते रहते है और म्यूच्यूअल फंड की वैल्यू बढ़ जाती है। इतने सारे पैसे मैनेज करना एक रिस्की काम है।
म्यूचुअल फंड स्कीम्स का मैनेजमेंट एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) द्वारा किया जाता है। फंड मैनेजर्स आपके द्वारा निवेश की गए फंड्स अपने एक्सपर्ट्स के माध्यम से मैनेज करते है। म्यूचुअल फंड में जब आप निवेश करते है तो आपको कई चार्जेज या फ़ीस लगती है, आइए देखें कि म्यूचुअल फंड के साथ कौन सी फीस जुड़ी हुई है।

एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio):
एक्सपेंस रेशियो एक वार्षिक शुल्क है जो एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) चार्ज करती है। इसमें फंड मैनेजमेंट फी, एडमिन चार्जेज, डिस्ट्रीब्यूशन फीस और विभिन्न लागतें शामिल हैं। सेबी ने अलग अलग फंडों के लिए अधिकतम शुल्क कितना चार्ज करना है इसके बारे में अनिवार्य कर दिया है। एक्सपेंस रेशियो परसेंटेज में कैलकुलेट किया जाता है।
यदि आप म्यूचुअल फंड में १ ०,००० रुपये का निवेश करते हैं, और उस म्यूच्यूअल फंड स्कीम का एक्सपेंस रेशिओ २ % है तो आपको फंड हाउस को वार्षिक २०० रुपये का एक्सपेंस रेशियो का पेमेंट करना होगा।
एग्जिट लोड (Exit Load):
एग्जिट लोड म्यूचुअल फंड हाउसों द्वारा तब लिया जाता है जब आप एक विशिष्ट अवधि के भीतर म्यूचुअल फंड योजना से बाहर निकलते हैं। एग्जिट लोड इसलिए लगाया जाता है ताकि आप म्यूच्यूअल फंड्स में लम्बे समय तक निवेश करते रहे, जिससे आपका ही अधिक फायदा होता है।
मान लीजिए की आपने एक म्यूचुअल फंड में १०,००० रुपये लगाए और १ वर्ष से पहले एग्जिट करना चाहते हो। इस म्यूच्यूअल फंड से आप १ साल के भीतर एग्जिट करते होतो और इसका एग्जिट लोड १% है। आप अगर १० वे महीने में एग्जिट करना चाहोगे और इस समय आप की निवेश राशि बढ़ कर १२,००० रपये हो गयी है तो आपका एग्जिट लोड होगा १२० रुपये
ट्रांज़ैक्शन फी (Transaction fees):
ट्रांज़ैक्शन फी ऐसा शुल्क है जो निवेश के दौरान केवल एक बार लिया जाता है। अगर आप १०,००० रुपये से ज्यादा निवेश करते हो तो आपको ये फीस देनी होती है। नए निवेशकों के लिए १५० रु. और मौजूदा निवेशकों के लिए १०० रुपये का शुल्क लिया जा सकता है। एसआईपी के मामले में भी अगर आप का SIP १०,००० से अधिक है तो ही आपको ट्रांज़ैक्शन फी देनी है। १०,००० रुपये से कम के निवेश पर कोई लेनदेन शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
एंट्री लोड (Entry Load):
निवेशक जब पहली बार किसी म्यूचुअल फंड योजना में निवेश करते हैं तब यह एंट्री लोड चार्ज होता था।लेकिन २००९ वर्ष के बाद सेबी के नियमों के अनुसार, फंड हाउस अपने निवेशकों से अब एंट्री लोड नहीं ले सकते हैं।
स्विचिंग शुल्क (Switching Charges):
कुछ म्यूचुअल फंड योजनाएं एक ही फंड हाउस में निवेशक को फंड्स चेंज करने की सुविधा प्रदान करती हैं। ऐसे स्विचिंग के लिए स्विचिंग शुल्क लागू हो सकते हैं, और वे फंड हाउस और योजना के प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि विभिन्न म्यूचुअल फंड हाउसों और योजनाओं के बीच में अलग-अलग चार्जेज हो सकते हैं। किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आप म्यूच्यूअल फंड्स के सभी डाक्यूमेंट्स को ध्यान से पढ़े और जरुरत पड़ने पर फाइनेंसियल एडवाइजर की सलाह ले।
म्यूचुअल फंड्स किस प्रकार के होते हैं?
म्यूचुअल फंड से जुड़ी कॉस्ट क्या हैं?
नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) क्या है?
म्यूचुअल फंड में स्विचिंग क्या है?
